सुशासन दिवस पर नैनीताल दुग्ध संघ का भव्य आयोजन, ₹12.67 करोड़ की दूध खरीद, 10.8% शुद्ध लाभ के साथ बोनस वितरण

लालकुआँ।
सुशासन दिवस एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष (अटल स्मृति वर्ष) के अवसर पर नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, लालकुआँ द्वारा भीमताल में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वर्ष 2024–25 के दुग्ध संकलन एवं वितरण कार्य की वार्षिक समीक्षा के साथ-साथ दुग्ध उत्पादकों को बोनस एवं पुरस्कार वितरित किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने अटल जी के सुशासन, राष्ट्र निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचार आज भी सहकारिता आंदोलन को दिशा दे रहे हैं।
मुख्य अतिथि एवं संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा कि दुग्ध उत्पादक ही सहकारी संघ की असली ताकत हैं। उनके परिश्रम और विश्वास से ही संघ निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान, पारदर्शिता और गुणवत्ता आधारित प्रोत्साहन संघ की प्राथमिकता है। बोनस और पुरस्कार वितरण उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

वर्ष 2024–25 के दौरान नैनीताल दुग्ध संघ ने कुल 2,72,238 लीटर दूध का संकलन किया। इस अवधि में ₹12.67 करोड़ की दूध खरीद हुई, जबकि ₹14.18 लाख का कुल लाभ और ₹9.13 लाख (10.8%) का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया। प्रति लीटर औसतन ₹18 का लाभ दर्ज किया गया। चॉफी समिति का योगदान सर्वाधिक रहा, जबकि नयना समिति ने सर्वाधिक दुग्ध संकलन किया।
संघ प्रबंधन ने बताया कि वर्ष भर में ₹1.08 करोड़ से अधिक मूल्य का दुग्ध संकलन किया गया, कुल व्यय ₹50.44 लाख रहा। यह आंकड़े संघ की मजबूत आर्थिक स्थिति और पारदर्शी कार्यप्रणाली को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम में नयना, थूम, ताड़ा, सूरी, चॉफी और मिरुवा सिमेल सहित छह दुग्ध समितियों ने भाग लिया।
पुरस्कार वितरण में —
नयना दुग्ध समिति को ₹2,03,833.96 पुरस्कार व ₹94,401.52 बोनस,
ताड़ा दुग्ध समिति को ₹2,03,633.33 पुरस्कार व ₹94,314.41 बोनस,
सूरी दुग्ध समिति को ₹1,87,844.20 पुरस्कार व ₹8,701.03 बोनस प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में संचालक मंडल सदस्य किशन सिंह बिष्ट, महेंद्र पडियार, डॉ. हरीश विष्ट, जिला पंचायत सदस्य विपिन जंतवाल, सामाजिक कार्यकर्ता ललित मोहन उप्रेती, पशु चिकित्सक विमल भट्ट सहित बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पी.एंड.आई. सुभाष बाबू ने किया।
यह आयोजन न केवल दुग्ध उत्पादकों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि सहकारिता की मजबूती और सुशासन की भावना को भी सशक्त करता नजर आया।








