जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने गुरुवार को हल्द्वानी स्थित कैम्प कार्यालय में मासिक स्टाफ बैठक आयोजित कर राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राजस्व विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्रों को निर्धारित समय-सीमा में निर्गत करने, न्यायालयों में लंबित पुराने राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण तथा लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की प्रगति पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि संग्रह अमीनों की व्यक्तिगत कार्यकुशलता की समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन संग्रह अमीनों की वसूली जनपद के औसत से कम पाई जाएगी, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
आरसी वसूली पर कड़े निर्देश
आरसी (Revenue Collection) वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन बैंकों की वसूली 79 प्रतिशत से कम है, उनके बैंकर्स के साथ बैठक कर प्रभावी रणनीति बनाते हुए वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आरसी जारी होने के बाद वन टाइम सेटलमेंट (OTS) से संबंधित मामलों में बैंकर्स द्वारा नियमानुसार 10 प्रतिशत राशि राजकोष में जमा कराई जाए। निर्देशों का पालन न करने वाले बैंकर्स की सभी आरसी तत्काल वापस किए जाने के आदेश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेताया कि सभी विभाग समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा वसूली कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

सेवा के अधिकार व राजस्व वादों की समीक्षा
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सेवा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की तहसील स्तर पर गहन समीक्षा कर सभी सेवाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राजस्व वादों की समीक्षा में तीन माह से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने तथा गुणवत्तापूर्ण और त्रुटिरहित निर्णय देने हेतु माननीय न्यायालयों के विभिन्न निर्णयों का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित मजिस्ट्रियल जांचों को भी समयबद्ध रूप से निस्तारित करने के आदेश सभी मजिस्ट्रेटों को दिए गए।

सीएम हेल्पलाइन व आबकारी विभाग की समीक्षा
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के आधार पर किया जाए। वहीं आबकारी विभाग की समीक्षा में उन्होंने जनपद में अवैध मदिरा की बिक्री एवं संचरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश देते हुए आबकारी निरीक्षकों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक राय, शैलेंद्र सिंह नेगी, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान सहित सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







