हल्द्वानी: 100–150 CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा, शातिर आरोपी गिरफ्तार
हल्द्वानी में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से करीब 13 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवरात और नगदी बरामद की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देशन में जनपद में चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मुखानी पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है।

पुलिस के अनुसार 12 मार्च 2026 को आदर्श कॉलोनी गौड़धड़ा विठोरिया नंबर-1 निवासी हेमचंद्र लोहनी ने थाना मुखानी में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 2 मार्च से 5 मार्च तक अपने पैतृक गांव थापला ताकुला (अल्मोड़ा) गए हुए थे। घर लौटने पर उन्होंने देखा कि अज्ञात चोर ने घर का ताला तोड़कर अंदर रखे सोने के जेवरात और नगदी चोरी कर ली है।

तहरीर के आधार पर पुलिस ने FIR संख्या 23/26 धारा 305(a)/331(4) BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए।
क्षेत्राधिकारी रामनगर सुमित पांडेय के पर्यवेक्षण में और थानाध्यक्ष मुखानी सुशील जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे लगभग 100 से 150 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए संदिग्ध की पहचान की।
13 मार्च 2026 को पुलिस टीम ने हल्दीखाल जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम गौरव कुमार (25 वर्ष) निवासी चौपला चौराहा दमुवादुंगा, काठगोदाम बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से सोने के जेवरात, नगदी और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
बरामद सामान
2 मंगलसूत्र (पीली धातु)
2 पौंची
1 नथ और बैग टीका
2 जोड़ी झुमके
₹2250 नगद
1 सैमसंग एंड्रॉयड मोबाइल फोन
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी काठगोदाम थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज है और उसका अन्य आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
घटना के सफल अनावरण पर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने पुलिस टीम को ₹2000 नगद इनाम देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।

पुलिस टीम
थानाध्यक्ष सुशील जोशी, उपनिरीक्षक वीरेंद्र चंद्र, कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टेबल बलवंत सिंह, कांस्टेबल धीरज सुगड़ा, कांस्टेबल रविंद्र खाती और कांस्टेबल अरविंद (SOG/सर्विलांस)।
पुलिस के अनुसार कांस्टेबल बलवंत सिंह और रोहित कुमार ने करीब 100–150 CCTV फुटेज की जांच कर संदिग्ध की पहचान करने में अहम भूमिका निभाई।







