ओखलकांडा में बाघ आतंक से दहशत, प्राइवेट शिकारी तैनात करने की मांग

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हरीश पनेरू ने चेतावनी के साथ सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

ओखलकांडा। भीमताल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ओखलकांडा विकासखंड में बाघ के लगातार हमलों से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। एक सप्ताह के भीतर दो महिलाओं की मौत से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इसी को लेकर पतलोट में आयोजित जनता दरबार शिविर में पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने बाघ आतंक पर गंभीर चिंता जताते हुए उप जिलाधिकारी धारी को ज्ञापन सौंपा।

हरीश पनेरू ने मांग की कि क्षेत्र में तत्काल प्राइवेट शिकारी तैनात कर बाघ को मारने की कार्रवाई की जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कल तक धारी ब्लॉक के तल्ली दिनी एवं ओखलकांडा के किटौड़ा चमोली क्षेत्र में प्राइवेट शिकारी तैनात नहीं किए गए, तो ग्रामीण महिलाओं के साथ मिलकर कालागर गलनी के पास धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।

उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे वन्यजीव हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में बाघ को मार गिराना ही एकमात्र विकल्प बचा है, जिससे आमजन खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट ने तुरंत फोन के माध्यम से प्रभागीय वन अधिकारी एवं जिलाधिकारी नैनीताल को अवगत कराया और निर्देश दिए कि अगले दिन तक क्षेत्र में प्राइवेट शिकारी तैनात किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की आंदोलनात्मक स्थिति उत्पन्न न हो।

हरीश पनेरू ने आरोप लगाया कि तल्ली दिनी और किटौड़ा चमोली क्षेत्रों में अब तक वन विभाग, स्थानीय प्रशासन एवं क्षेत्रीय विधायक द्वारा किए गए दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से जनता का भरोसा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से उठ चुका है। उन्होंने कहा कि मौके पर केवल झूठे आश्वासन देकर लोगों को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

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