धारी व ओखलकांडा में महिला दुग्ध समितियों का शुभारंभ, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
महिलाओं के हाथों में आर्थिक ताकत, सहकारिता से आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

— मुकेश बोरा
लालकुआँ (नैनीताल)।
नैनीताल आँचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र के धारी ब्लॉक अंतर्गत ग्वालाकोट तथा ओखलकांडा ब्लॉक की साल ग्राम सभा में गठित महिला दुग्ध समितियों का विधिवत शुभारंभ रिबन काटकर किया। इस अवसर पर महिला दुग्ध समिति की सदस्यों एवं ग्रामीण महिलाओं ने अध्यक्ष का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुकेश बोरा ने कहा कि महिला दुग्ध समितियों का गठन ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। दुग्ध उत्पादन से महिलाओं को नियमित आय का साधन मिलेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनेंगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन, उचित मूल्य और बेहतर विपणन व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं की बढ़ती सहभागिता से दुग्ध सहकारिता और अधिक मजबूत होगी तथा इससे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
महिला दुग्ध समितियों के शुभारंभ के साथ ही पहले दिन 54 लीटर दूध का संग्रह किया गया, जिससे महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि दुग्ध उत्पादन से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी मजबूत होगी और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने महिला दुग्ध समितियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन, बेहतर विपणन और नियमित आय सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।
इस अवसर पर प्रभारी उपार्जन सुभाष बाबू, सहायक प्रबंधक गीता ओझा, मार्ग प्रभारी शांति कोरंगा, खन्स्यु प्रभारी हरीश आर्या, बसंती कपकोटी, नीमा शाह, विजय जलाल, संतोष कुमार, श्रीमती पूनम दर्मवाल, राकेश बिष्ट सहित अनेक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही ग्राम प्रधान अघरिया श्रीमती रेखा आर्या, सरपंच संजय आर्य, उपप्रधान पंकज कुमार, पूर्व प्रधान/सरपंच सुरेश चंद्र, साल ग्राम सभा की ग्राम प्रधान पूजा आर्य, वरिष्ठ समाजसेवी व शिक्षक पवन देव, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि महेश मेवाड़ी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पंचम मेवाड़ी, श्याम सिंह मेहता, बालम चिलवाल ग्राम सभा के सरपंच एवं बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक मौजूद रहे।







