MIETCON-I 2026 में अंतर्विषयक स्वास्थ्य सेवाओं पर मंथन

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स्वास्थ्य सेवाओं में अंतर्विषयक समन्वय समय की आवश्यकता : सुरेश भट्ट

हल्द्वानी, 11 सितंबर। एमआईईटी कुमाऊं कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज में शुक्रवार को “Interdisciplinary Approaches in Allied Health Sciences” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन MIETCON-I 2026 का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं में अंतर्विषयक समन्वय, आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा रोगी-केंद्रित उपचार की आवश्यकता पर विचार साझा किए।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि सुरेश भट्ट, उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं निगरानी परिषद ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा किसी एक व्यक्ति अथवा एक विधा का कार्य नहीं, बल्कि विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, नर्सिंग कर्मी, प्रयोगशाला विशेषज्ञ, रेडियोलॉजी विशेषज्ञ सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तो मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं, लेकिन तकनीक स्वास्थ्य पेशेवरों का विकल्प नहीं है। इसका उपयोग स्वास्थ्य विशेषज्ञों की कार्यक्षमता बढ़ाने और निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जाना चाहिए।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस दौरान विशिष्ट अतिथियों एवं संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। सम्मेलन हाइब्रिड माध्यम से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सभागार में करीब 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि 60 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन सहभागिता की।

अकादमिक सत्र में प्रो. डॉ. मोहम्मद उस्मान खान, निदेशक, तावर इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रामपुर ने “Prospects of Allied Health Sciences: Past, Present & Future” विषय पर व्याख्यान दिया। वहीं इमरान अहमद अंसारी, प्रधानाचार्य, SAPKM College of Allied & Health Care Sciences, किच्छा ने “Allied Health Professionals: Working Together for Comprehensive Vision Care” विषय पर अपने विचार रखे।

इस अवसर पर MIETCON-I 2026 स्मारिका का विमोचन भी किया गया। वक्ताओं ने एलाइड हेल्थ साइंसेज में कौशल विकास, टीमवर्क, आपसी सहयोग एवं रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

पांच देशों के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड और फ्रांस से जुड़े विशेषज्ञों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। इनमें डॉ. कोमल (PT), University of Otago, New Zealand, डॉ. Olivia Galea, University of the Sunshine Coast, Australia, अंचल देवानि, Paramed Home Health Care, Canada, दीपिका खनाल, HS Health Group Limited, England तथा डॉ. कुमारी नम्रिता, Physiotherapist एवं Physical Therapist, France शामिल रहीं।

विशेषज्ञों ने गर्दन के दर्द के वास्तविक स्रोत, न्यूरो पुनर्वास, रेडियोलॉजी एवं स्वास्थ्य प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था तथा फिजियोथेरेपी के वैश्विक अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की।

विद्यार्थियों और संकाय की सक्रिय सहभागिता

सम्मेलन के आयोजन में पैरामेडिकल विभाग के संकाय सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में डॉ. निकिता आर्या (PT), डॉ. लतिका, आरजू, डॉ. विशाल पांडे, कौशलेंद्र रावत, डॉ. कमला पाकड़िया, नमिता सिंह, सिमरनजीत कौर, अनुराग वर्मा, कल्पना कुमारी एवं सुहानी वर्मा सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन पैरामेडिकल साइंसेज की छात्राओं तमन्ना बिष्ट, हिमांशी पांडे एवं अस्निया कुरैशी ने किया। सम्मेलन ने विद्यार्थियों और स्वास्थ्य पेशेवरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ ज्ञान-विनिमय का अवसर प्रदान किया। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य एलाइड हेल्थ साइंसेज में अंतर्विषयक सहयोग को बढ़ावा देकर आधुनिक एवं बेहतर रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में नई संभावनाओं को सामने लाना है।

 

 

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