
नैनीताल। भारतीय पुलिस सेवा की वरिष्ठ अधिकारी श्रीमती निवेदिता कुकरेती ने मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), कुमायूँ परिक्षेत्र, नैनीताल का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने परिक्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया तथा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत आयोजित पत्रकार वार्ता में आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि कुमायूँ मंडल में कानून एवं शांति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, नशे के कारोबार के विरुद्ध सख्त अभियान चलाना तथा जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया।

आईजी कुकरेती ने कहा कि आगामी कैंची धाम स्थापना दिवस, पर्यटन सीजन और बढ़ती पर्यटक गतिविधियों को देखते हुए श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पार्किंग व्यवस्था, शटल सेवाएं, डायवर्जन प्लान और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी रणनीति लागू की जाएगी, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने, तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग, स्मार्ट पुलिसिंग, अपराध विश्लेषण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस कर्मियों के कल्याण और क्षमता विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। साथ ही अपराध एवं यातायात प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए समन्वित कार्ययोजना पर बल दिया।

पत्रकार वार्ता के दौरान आईजी ने मीडिया को जनजागरूकता का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय से जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद आईजी निवेदिता कुकरेती कैंची धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने आगामी मेले एवं पर्यटन सीजन की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग स्थलों, सुरक्षा प्रबंधों, भीड़ नियंत्रण एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की और आगामी आयोजन को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन तथा मंदिर समिति के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।






