एमबीपीजी कॉलेज के सांस्कृतिक सचिव जतिन तिवारी ने पूरा सांस्कृतिक कोष छात्र हित में किया दान

Picture of Royal News Uttarakhand

Royal News Uttarakhand

FOLLOW US:

SHARE:

हल्द्वानी। ‘सेवा परमो धर्म:’ के आदर्श को चरितार्थ करते हुए एम.बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (MBPG) के सांस्कृतिक सचिव जतिन तिवारी ने एक प्रेरक निर्णय लिया है। उन्होंने अपने कार्यकाल के संपूर्ण सांस्कृतिक कोष को छात्र कल्याण और महाविद्यालय के शैक्षणिक विकास हेतु दान करने का प्रस्ताव देकर युवा नेतृत्व की एक नई परिभाषा पेश की है।

पुस्तकालय और संगीत विभाग को मिलेगा नया विस्तार
जतिन तिवारी ने प्राचार्य को प्रेषित अपने औपचारिक पत्र में कोष के आवंटन के लिए एक स्पष्ट और दूरदर्शी योजना साझा की है। उन्होंने इस धनराशि को 70:30 के विशेष अनुपात में विभाजित करने का निर्णय लिया है:
* 70% हिस्सा: महाविद्यालय के पुस्तकालय के लिए नई और प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु उपयोगी पुस्तकें खरीदी जाएंगी।
* 30% हिस्सा: संगीत विभाग को आधुनिक वाद्य यंत्रों और अन्य आवश्यक सामग्रियों से लैस किया जाएगा।
परंपरा का निर्वहन और अटूट संकल्प
अपने पत्र में जतिन ने महाविद्यालय की उस गौरवशाली परंपरा का भी उल्लेख किया, जहाँ निर्वाचित पदाधिकारियों ने सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संस्थान के विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उनकी पूर्ण सहमति (Full Consent) से लिया गया है और इसका एकमात्र उद्देश्य छात्रों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है।
“मेरा लक्ष्य है कि यह कोष केवल आयोजनों तक सीमित न रहे, बल्कि स्थायी रूप से छात्रों के भविष्य को संवारने के काम आए। पुस्तकों और संगीत के माध्यम से हम शिक्षा और संस्कृति दोनों को सशक्त कर सकते हैं।”
— जतिन तिवारी, सांस्कृतिक सचिव
परिवर्तन की बयार
महाविद्यालय के इस कदम की सराहना न केवल छात्र समुदाय बल्कि शिक्षकों में भी हो रही है। इस निर्णय से न केवल पुस्तकालय समृद्ध होगा, बल्कि संगीत के प्रति रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। जतिन की यह पहल अन्य छात्र नेताओं के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करेगी।

Leave a Comment