अल्पसंख्यक कल्याण आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेग़म ने विकास भवन भीमताल में अल्पसंख्यक कल्याण हेतु संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता अल्पसंख्यक समुदाय का समग्र कल्याण और उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार है।

उपाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा, गरीबी उन्मूलन, कौशल विकास और स्व-रोजगार से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र अल्पसंख्यक व्यक्तियों तक प्राथमिकता से पहुँचाया जाए। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक प्रमाण पत्रों के शीघ्र निर्गमन के निर्देश देते हुए चेताया कि अनावश्यक विलंब या आनाकानी की शिकायत मिलने पर आयोग सख्त कार्रवाई करेगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में पात्र अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी जाए। कुछ विभागों द्वारा निर्धारित प्रारूप में डाटा उपलब्ध न कराने पर नाराज़गी जताते हुए सोमवार तक ई-मेल के माध्यम से समस्त जानकारी आयोग को उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए।

आयोग के सचिव जे.एस. रावत ने बताया कि 30 विभागों की योजनाओं के तहत अल्पसंख्यकों को मिले/न मिले लाभ से जुड़े सभी पहलुओं को आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन में शामिल किया जाएगा।

बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, समाज कल्याण, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, बाल विकास, चिकित्सा, पुलिस, पूर्ति, कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, पर्यटन, श्रम, सेवायोजन सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विभागीय उपलब्धियाँ (संक्षेप में):
सेवायोजन: 111 अल्पसंख्यक युवाओं को रोजगार प्रमाण पत्र
महिला कल्याण: 689 पेंशन, 245 प्रत्यक्षता पेंशन
जिला उद्योग: स्वरोजगार योजना में 6 लाभार्थी
श्रम विभाग: 400 श्रमिकों का पंजीकरण
पर्यटन: होम-स्टे अंतर्गत कई आवेदन प्रक्रियाधीन
समाज कल्याण: मेधावी बालिका शिक्षा योजना में 272 बालिकाएँ लाभान्वित
सोमवार तक सभी विभागों को योजनाओं के तहत दिए गए लाभों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आयोग के सदस्य सुरेन्द्र जैन, नफीस अहमद, येशी थुप्तन, शकील अहमद, मोहम्मद तस्लीम, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







