स्थान : देहरादून / नई दिल्ली
देशभर समेत उत्तराखंड में 20 मई को प्रस्तावित दवा कारोबारियों की हड़ताल को लेकर उत्तराखंड का ड्रग विभाग सख्त हो गया है। औषधि नियंत्रक ताजवर सिंह ने केमिस्ट एसोसिएशन को पत्र जारी कर दवा दुकानों को बंद न करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि हड़ताल के कारण मरीजों को दवाएं नहीं मिलती हैं, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

औषधि नियंत्रक ताजवर सिंह ने कहा कि दवाओं की बिक्री आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आती है और इसे बाधित नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग एक्ट के तहत दवा कारोबारी हड़ताल पर नहीं जा सकते। इसलिए सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से दुकानें खुली रखने की अपील की गई है, ताकि मरीजों और आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि दवा व्यवसाय सीधे लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मेडिकल स्टोर बंद होने से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
दरअसल, देशभर के दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को हड़ताल का ऐलान किया है। कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक मेडिकल स्टोरों के कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है और छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।

उत्तरांचल औषधि संघ के प्रदेश अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी ने कहा कि यदि सरकार ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक नहीं लगाई, तो दवा कारोबारियों के लिए व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हालात नहीं बदले तो भविष्य में मजबूरन दुकानों को स्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।








