
हल्द्वानी की लाल मस्जिद से संबंधित वक्फ संख्या 04, 51, 384, 385 और 386 के प्रबंधन के लिए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड द्वारा नई 11 सदस्यीय प्रबंध समिति का गठन किया गया है। बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह समिति एक वर्ष की अवधि तक कार्य करेगी।

नई समिति में हाजी सज्जाद अली को अध्यक्ष, हाजी मोहम्मद इमरान को उपाध्यक्ष, इकराम अंसारी को सचिव तथा शौएब अहमद को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा समिति में अब्दुल वाजिद पुत्र स्वर्गीय अब्दुल माजीद, मोहम्मद गुलफाम पुत्र मोहम्मद इकबाल,मोहम्मद जाहिद पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद नदीम पुत्र स्वर्गीय फहीम अहमद, मोहम्मद आरिफ पुत्र स्वर्गीय अब्दुल गफूर , फहीम अहमद पुत्र स्वर्गीय हनीफ अहमद और मोहम्मद कलीम पुत्र स्वर्गीय शमीम अहमद सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है।

वक्फ बोर्ड ने नई समिति को वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने, आय-व्यय का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने, नियमित ऑडिट कराने तथा दान और चंदे का स्पष्ट हिसाब रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मस्जिद और वक्फ संपत्तियों के रखरखाव, किराया वसूली और अवैध कब्जों को हटाने को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

हालांकि स्थानीय स्तर पर पुरानी समिति को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। कथित तौर पर कुछ लोगों का आरोप है कि पूर्व समिति ने अब तक मस्जिद का पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक नहीं किया और न ही वित्तीय रिकॉर्ड एवं प्रबंधन का पूरा चार्ज नई समिति को सौंपा गया है।

स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि मस्जिदों, मदरसों और अन्य धार्मिक संस्थाओं में आने वाले चंदे और दान का पारदर्शी हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए, ताकि समाज में भरोसा कायम रहे और किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

Royal News Uttarakhand पहले भी इस प्रकार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है। एक बार फिर लोगों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास की मस्जिदों, मदरसों और धार्मिक संस्थाओं की प्रबंधन व्यवस्था एवं आय-व्यय को लेकर जागरूक रहें। धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही समाज के विश्वास को मजबूत करने का कार्य करती है।








