महंगी किताबों पर सख्ती 105 निजी स्कूल प्रशासन के निशाने पर

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105 निजी स्कूलों पर जिला प्रशासन सख्त, 4 और विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी

हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में निजी विद्यालयों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 4 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


नोटिस पाने वाले विद्यालयों में माउंट कार्मल सेरा स्कूल, हैप्पी स्टेप्स स्कूल, एवर ग्रीन सीनियर सेकेंडरी स्कूल और लेक्स इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं।

इससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 101 निजी विद्यालयों को नोटिस भेजे जा चुके थे। अब जनपद में नोटिस प्राप्त करने वाले स्कूलों की कुल संख्या 105 पहुंच गई है।


जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
जांच के दौरान पाया गया कि कई निजी विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी पुस्तकों के बजाय महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य की जा रही हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा कुछ स्कूलों द्वारा विशेष दुकानों से पुस्तकें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कई विद्यालयों ने अपनी वेबसाइट पर शुल्क और पुस्तक सूची जैसी अनिवार्य सूचनाएं भी सार्वजनिक नहीं की हैं।


15 दिन में देना होगा जवाब
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी करने और एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी विक्रेता विशेष की बाध्यता समाप्त करने, वेबसाइट पर शुल्क और पुस्तक सूची सार्वजनिक करने तथा अभिभावकों से वसूले गए अनावश्यक शुल्कों का समायोजन करने को कहा गया है।


जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तरीय संयुक्त जांच समिति गठित की गई है, जो 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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