हल्द्वानी में SIR मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर आपत्तियों पर भ्रम, सपा ने जांच की मांग उठाई

हल्द्वानी। समाजवादी पार्टी उत्तराखंड ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फॉर्म संख्या 10 के माध्यम से दर्ज आपत्तियों को लेकर उत्पन्न भ्रम की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने इस संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, नैनीताल को पत्र भेजा है।

पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में SIR के तहत मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य चल रहा है और निर्वाचन टीमें घर-घर जाकर सत्यापन कर रही हैं। सपा का आरोप है कि भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म संख्या 10 के जरिए कुछ मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज दिखाई दे रही हैं।

पार्टी के अनुसार, जिन मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज हैं, उनमें से कई का कहना है कि उन्होंने स्वयं या उनके परिवार के किसी सदस्य ने ऐसी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। इससे आम लोगों में भ्रम और निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति अविश्वास की स्थिति पैदा हो रही है।

सपा ने आशंका जताई है कि यह मामला तकनीकी त्रुटि, किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जानबूझकर या अनजाने में की गई गलत प्रविष्टि अथवा पहचान संबंधी विसंगति का परिणाम हो सकता है। पार्टी ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।

पत्र में यह भी मांग की गई है कि जिन आपत्तियों की पुष्टि संबंधित मतदाता द्वारा नहीं की जाती, उन्हें निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार निरस्त या संशोधित किया जाए। साथ ही, आम जनता को उचित मार्गदर्शन और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की गई है, ताकि मतदाता अपनी सूची में दर्ज स्थिति की पुष्टि कर सकें।

यह पत्र 14 अगस्त 2026 को भेजा गया बताया गया है। मामले में जिला प्रशासन अथवा निर्वाचन विभाग की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।






