निजी अस्पतालों के लिए डीएम ललित मोहन रयाल की सख्त एडवाइजरी

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बिलकुल। खबर में भी नाम सही करके प्रस्तुत है:

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में निजी अस्पतालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें: डीएम ललित मोहन रयाल

हल्द्वानी/नैनीताल, 08 जुलाई। जनपद नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी पंजीकृत निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, डे-केयर सेंटर, पॉलीक्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर एवं अन्य क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट से राष्ट्रीय एवं राज्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा जनपद के सभी पंजीकृत निजी चिकित्सा संस्थानों को जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं संवर्धन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में प्रत्येक चिकित्सा संस्थान का नैतिक, सामाजिक एवं व्यावसायिक दायित्व है कि वह सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम, पल्स पोलियो अभियान, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के सफल संचालन में पूर्ण सहयोग प्रदान करे।

उन्होंने कहा कि Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2010 तथा उत्तराखंड में लागू प्रावधानों के अनुसार सभी पंजीकृत निजी चिकित्सा संस्थान शासन एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।

डीएम ललित मोहन रयाल ने निजी अस्पतालों से पात्र लाभार्थियों को राष्ट्रीय टीकाकरण, पल्स पोलियो एवं अन्य जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति जागरूक करने, आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को निकटतम सरकारी टीकाकरण केंद्र अथवा अधिकृत स्वास्थ्य इकाई में रेफर करने, स्वास्थ्य विभाग के विशेष अभियानों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने, HMIS पोर्टल पर आवश्यक सूचनाओं का नियमित अपडेट करने तथा अधिसूचित रोगों की नियमानुसार रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकृत क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट का निरीक्षण, अनुश्रवण एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने का अधिकार सक्षम प्राधिकारी को प्राप्त है। इसलिए सभी संस्थान लागू अधिनियमों, नियमों एवं शासनादेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।

डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा कि जनपद के सभी निजी चिकित्सा संस्थान जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वित रूप से कार्य करें, जिससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

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