सरकार की उपेक्षा के विरोध में आयुर्वेदिक चिकित्सकों का प्रदर्शन, काला फीता बांधकर जताया रोष

Picture of Royal News Uttarakhand

Royal News Uttarakhand

FOLLOW US:

SHARE:

अल्मोड़ा, 08 जून। राज्य सरकार द्वारा आयुष विभाग की लगातार उपेक्षा किए जाने के विरोध में प्रदेश भर के आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ (उत्तराखंड) के आह्वान पर सोमवार को जनपद अल्मोड़ा के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारियों ने ओपीडी सेवाओं के दौरान काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।


जिला इकाई अल्मोड़ा के अध्यक्ष डॉ. कपिल शर्मा एवं सचिव डॉ. अनुपमा त्यागी के नेतृत्व में आयोजित विरोध कार्यक्रम में चिकित्सकों ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष विभाग और आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि उत्तराखंड जैसे दुर्गम एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में भी चिकित्सकों को आधार आधारित एवं मोबाइल एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे अनेक व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं।


चिकित्सकों ने बताया कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें एसीपी एवं डीएसपी का लाभ, संवर्ग निदेशक की नियुक्ति, सेवा ढांचे का पुनर्गठन तथा वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों का स्थायीकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं। संघ का कहना है कि इन मांगों के संबंध में कई बार शासन स्तर पर मांग उठाए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


प्रदर्शन के दौरान चिकित्सकों ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को अगले चरण में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

Leave a Comment